84 महादेव : श्री रुपेश्वर महादेव(62)
प्राचीन काल में राजा थे पद्य। वे महापराक्रमी ओर धर्मनिष्ठ थे। एक बार राजा अपनी सेना के साथ शिकार करने के लिए वन में गए। वहां एक मृग का पीछा…
मंदिरों और मोक्ष की नगरी
प्राचीन काल में राजा थे पद्य। वे महापराक्रमी ओर धर्मनिष्ठ थे। एक बार राजा अपनी सेना के साथ शिकार करने के लिए वन में गए। वहां एक मृग का पीछा…
काफी समय पहले अश्वाहन नामक एक राजा हुआ करते थे। राजा धर्मात्मा और कीर्तिवान थे। उनके राज्य में प्रजा सुखी रहती थी। काशी राजा की पुत्री मदनमंजरी उनकी पत्नी थी।…
द्वापर युग में एक ब्राह्मण थे सुगती। उनके यहां मतंग नामक पुत्र का जन्म हुआ। बालक अवस्था में ही मतंग क्रूर स्वभाव का हुआ। एक बार बालक मतंग माता की…
काफी समय पूर्व अश्वशिरा नाम का एक राजा था। वह बड़ा ही धार्मिक ओर प्रजा पालक था। राजयज्ञ अनुष्ठान कर राजा ने सिद्धि को प्राप्त किया था। एक बार उसके…
प्रथम कल्प में स्वंयभू मनु राजा नाम के राजा हुआ करते थे। उनके पुत्र प्रियवत नाम के राजा परम धार्मिक हुए। उन्होंने यज्ञ करके उत्तम दान दक्षिणा देकर यज्ञों को…
भगवान शंकर ने पार्वती को कथा सुनाते हुए बताया कि गणों में सबसे प्रिय गण घंटा नाम का गण है। देवताओं के संगीत सभागृह में इच्छा से शामिल होने के…
सूर्य के तेज को न सहन कर पाने के कारण उनकी पत्नी संज्ञा उन्हें छोड़ कर चली गईं और तप करने लगीं। यह बात सूर्य को पता चली तो वे…
एक समय पार्वती ने महान तप किया। उनके तप से तीनों लोक जलने लगे। इसे देखते हुए ब्रह्मा पार्वती के पास आए और उनसे कहा कि तुम किस कारण से…
प्राचीन समय में राजा सत्य विक्रम थे। शत्रुओं ने उनका राज्य छीन लिया, जिससे वह वन में भ्रमण करने लगे। एक दिन उसने वन में भ्रमण करते हुए वशिष्ठ मुनि…
काफी समय पहले विदर्भ नगर में राजा विदुरथ थे। एक बार वे शिकार के लिए वन में गए। वहां उन्होंनें मृग छाल पहनकर भगवान के ध्यान मग्न एक ब्राह्मण की…