84 महादेव : श्री कंटेश्वर महादेव(54)
प्राचीन समय में राजा सत्य विक्रम थे। शत्रुओं ने उनका राज्य छीन लिया, जिससे वह वन में भ्रमण करने लगे। एक दिन उसने वन में भ्रमण करते हुए वशिष्ठ मुनि…
मंदिरों और मोक्ष की नगरी
प्राचीन समय में राजा सत्य विक्रम थे। शत्रुओं ने उनका राज्य छीन लिया, जिससे वह वन में भ्रमण करने लगे। एक दिन उसने वन में भ्रमण करते हुए वशिष्ठ मुनि…
काफी समय पहले विदर्भ नगर में राजा विदुरथ थे। एक बार वे शिकार के लिए वन में गए। वहां उन्होंनें मृग छाल पहनकर भगवान के ध्यान मग्न एक ब्राह्मण की…
प्राचीन समय में शिव ने एक दिव्य पुरुष को प्रकट किया। पुरुष ने शिव से पूछा कि वह क्या कार्य करें तो शिव ने कहा तुम अपनी आत्मा का विभाग…
काफी समय पहले दैत्यों और देवताओं में युद्ध हुआ। दैत्यों के स्वामी जंभ और इंद्र के बीच वर्षों तक युद्ध चला। जिसमें दैत्य विजयी हुए और अंधकासुर ने स्वर्ग पर…
विश्वकर्मा की संज्ञा नामक पुत्री सूर्य की पत्नी थी। सूर्य का तेज न सह पाने के कारण उसने अपने समान एक अन्य स्त्री को उत्पन्न किया ओर उसे आज्ञा दी…
अंगराज के पुत्र वेन के अंगों के दोहन से पृथु नामक एक बालक का जन्म हुआ। पृथु महापराक्रमी ओर जगत विख्यात हुआ। पृथु के राज्य में हवन नहीं होते थे,…
एक बार इस पर ब्रह्मा को चिंता हुई कि कल्प समाप्त होने पर चंद्र ओर सूर्य भी नष्ट होंगे। उन्होंने सोचा अब सृष्टि की स्थापना कैसे होगी। इस दुख के…
एक बार भगवान शंकर का गण नुपूर इंद्र की सभा में पहुंचा। वहां अप्सराएं नृत्य कर रही थी। नुपूर ने काम के वश में आकर उर्वशी को फूल मारा, जिससे…
प्राचीन समय में अमित्रजित नाम का एक राजा था। वह प्रजा पालक था। उसके राज्य में कोई दुखी नहीं था। पूरे राज्य मे एकदशी का व्रत किया जाता था, जो…
बिरजनामा मंदिर पीठ पर स्थित त्रिलोचनेश्वर महादेव में सालों पूर्व कबूतर का जोडा रहता था। दोनों भगवान का दर्शन करते ओर अर्पित जल पीते भक्तों द्वारा की जाने वाली भगवान…