स्थान – महाकाल वन, उज्जैन
📜 श्लोक:
गणेशेन प्रतिष्ठितं लिंगं देवि महामते।
शिवेश्वरमिति ख्यातं पापिनां पापनाशनम्।।
श्लोक का अर्थ:
हे देवि! यह शिवलिंग स्वयं गणेश द्वारा प्रतिष्ठित है। यह शिवेश्वर नाम से प्रसिद्ध है और पापियों के पापों का नाश करता है।
📖 कथा – रिपुंजय राजा, ब्राह्मण रूपी गण और शिवेश्वर लिंग की स्थापना
बहुत समय पहले महाकाल वन में रिपुंजय नामक एक धर्मपरायण राजा राज्य करता था। वह भगवान विष्णु का परम भक्त था और उसकी राज्यप्रजा सुखी, समृद्ध और निरोगी थी।
🕉️ राजा का तेज और समस्या
राजा का तेज इतना महान था कि किसी को भी शिव की पूजा करने की आवश्यकता नहीं पड़ती थी। यह बात स्वयं भगवान शिव को भी विचित्र लगी क्योंकि उज्जैन जैसे दिव्य तीर्थक्षेत्र में शिवपूजन की अनुपस्थिति अधूरापन दर्शा रही थी।
🔔 गण का अवतरण
भगवान शिव ने अपने प्रिय गणेश गण को आज्ञा दी कि वे उज्जैन में शिवलिंग की स्थापना करें।
गणेश ने ब्राह्मण रूप धारण कर उज्जैन में प्रवेश किया और विभिन्न रोगों और कष्टों से लोगों को मुक्त करने लगे।
- जो स्त्रियां संतानहीन थीं, उन्हें औषधियों द्वारा संतान प्राप्ति हुई।
- नगर में उनकी ख्याति फैल गई, लेकिन राजा रिपुंजय ने उन्हें कोई महत्व नहीं दिया।
👑 रानी बहुला और संतान की इच्छा
राजा रिपुंजय की प्रिय रानी बहुला देवी को पुत्र नहीं हो रहा था।
रानी की एक सखी ने ब्राह्मण से प्रार्थना की, लेकिन ब्राह्मण (गण) ने उत्तर दिया:
“मैं राजा की आज्ञा के बिना महल नहीं आ सकता।”
तब रानी ने बीमारी का बहाना किया और राजा के साथ ब्राह्मण के दर्शन के लिए स्वयं पहुंच गई।
✨ शिवलिंग का प्राकट्य
जैसे ही राजा और रानी ने ब्राह्मण (गण) के दर्शन किए, वह एक दिव्य शिवलिंग में परिवर्तित हो गया।
तभी स्वयं भगवान शिव प्रकट हुए और कहा:
“हे राजन! तुम्हें एक तेजस्वी और धर्मात्मा पुत्र की प्राप्ति होगी जो सर्वभौम राजा बनेगा।”
चूंकि यह लिंग शिव के गण द्वारा प्रतिष्ठित हुआ था, इसीलिए इसका नाम पड़ा – श्री शिवेश्वर महादेव।
🌟 धार्मिक मान्यता
- जो भी श्रद्धालु श्री शिवेश्वर महादेव का पूजन करता है,
वह सभी पापों से मुक्त होता है
और अंतकाल में शिवगणों में शामिल होता है। - यह लिंग गणेश तत्व और शिव तत्व दोनों का समन्वय लिए हुए है।
📍 मंदिर का स्थान
श्री शिवेश्वर महादेव मंदिर
स्थान: उज्जैन, महाकाल वन क्षेत्र
विशेष पहचान: ब्राह्मण रूपी गण द्वारा स्वयंभू प्रकट शिवलिंग
📅 विशेष पूजन काल
- श्रावण सोमवार
- गणेश चतुर्थी
- महाशिवरात्रि
इन तिथियों पर संतान प्राप्ति, मोक्ष, और गणत्व की प्राप्ति हेतु पूजन विशेष फलदायक माना गया है।
❓FAQs – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Q. शिवेश्वर महादेव की स्थापना किसने की थी?
A. भगवान शिव के गण ने ब्राह्मण रूप में उज्जैन आकर इस लिंग की स्थापना की थी।
Q. यहां पूजा करने से क्या लाभ होता है?
A. संतान प्राप्ति, पापों से मुक्ति, और अंत में शिवगण बनने का वर प्राप्त होता है।
Q. क्या यह स्थान महाकाल वन के अंतर्गत आता है?
A. हां, श्री शिवेश्वर महादेव महाकाल वन का ही एक दिव्य स्थान है।

84 महादेव : श्री शिवेश्वर महादेव(37)
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