स्थान: हरसिद्धि दरवाज़े के पास, उज्जैन
लोकपालों द्वारा पूजित, पाप नाशक शिवलिंग

📜 श्लोक (स्कन्द पुराण – महाकाल संहिता):
“द्वादशं विद्धि देवेशि, लोकपलेश्वरम् शिवं।
यस्य दर्शन मात्रेण, सर्वपापैः प्रमुच्यते।।”

📖 श्लोक अर्थ:
हे देवेशि! जानो कि यह बारहवां शिवलिंगलोकपालेश्वर’ है, जिसके दर्शन मात्र से सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है।


📚 पौराणिक कथा: जब देवताओं ने शिव से रक्षा मांगी

प्राचीन काल में हिरण्यकश्यप के वंश से उत्पन्न दैत्यों ने:

  • अश्रम, यज्ञ, वेदों की ध्वनि और पिंडदान तक नष्ट कर दिए।
  • पृथ्वी को यज्ञहीन कर भय और अराजकता फैला दी।

इंद्र, वरुण, धर्मराज और कुबेर जैसे लोकपाल देवता जब हारने लगे तो वे अत्यंत भयभीत होकर भगवान विष्णु के पास पहुंचे और प्रार्थना की:

“प्रभु! आपने पूर्व में भी कई दैत्यों से हमारी रक्षा की है, अब फिर कृपा करें।”

विष्णु ने उन्हें महाकाल वन जाकर शिव आराधना करने का उपाय बताया। लेकिन जब देवता महाकाल वन पहुंचे तो दैत्य वहां भी उनके मार्ग में अवरोध बनने लगे।


🌿 कपाळिक वेश में आराधना और दैत्यों का नाश

विष्णु के निर्देश पर सभी लोकपाल:

  • भस्म, नूपुर, घंटा और कपाल धारण कर कपाळिक वेश में
  • महाकाल वन में पहुंचे
  • उन्हें वहाँ एक दिव्य लिंग के दर्शन हुए

उन्होंने पूर्ण श्रद्धा से लिंग की स्तुति की, जिससे:

  • लिंग से भीषण ज्वालाएं निकल पड़ीं
  • उन ज्वालाओं ने सभी दैत्यों को भस्म कर दिया
  • स्वर्गलोक और चारों दिशाओं की रक्षा पुनः स्थापित हुई

तब से यह लिंग “लोकपालेश्वर महादेव” के नाम से विख्यात हुआ।


🙏 दर्शन लाभ (Benefits of Darshan)

  • पापों का नाश और स्वर्ग की प्राप्ति
  • शत्रुओं पर विजय की प्राप्ति
  • संकट काल में सुरक्षा और दिव्य आशीर्वाद
  • विशेष दर्शन तिथि:
    • संक्रांति
    • अष्टमी व चतुर्दशी
    • सोमवार
    • श्रावण मास

🛕 मंदिर की स्थिति (Location)

📍 श्री लोकपालेश्वर महादेव मंदिर
📍 हरसिद्धि दरवाजा, उज्जैन, मध्य प्रदेश

84 महादेव : श्री लोकपालेश्वर महादेव(12)
84 महादेव : श्री लोकपालेश्वर महादेव(12)

External Links