🔱 श्री कर्कोटेश्वर महादेव – सर्प दोष से रक्षा करने वाले शिव

स्थान: हरसिद्धि मंदिर प्रांगण, उज्जैन
84 महादेवों में स्थान: 10

📜 श्लोक (महाकाल संहिता, स्कन्द पुराण से उद्धृत):
“कर्कोटेश्वर संज्ञं च दशमं विद्धि पार्वती।
यस्य दर्शन मात्रेण विषैर्नैवाभिभूयते।।”

📖 श्लोक का अर्थ:
हे पार्वती! जानो कि महाकाल वन में स्थित दसवां दिव्य शिवलिंग कर्कोटेश्वर है।
इसके दर्शन मात्र से कोई भी विष या नागदोष प्रभाव नहीं डालता। यह लिंग सर्पदोष और कालसर्प दोष के निवारण के लिए अत्यंत फलदायी है।


🐍 पौराणिक कथा: जब सर्पों पर आया विनाश का संकट

प्राचीन काल में सर्पों की माता कद्रू ने अपने पुत्रों को श्राप दे दिया था कि वे राजा जनमेजय के यज्ञ में जलकर भस्म हो जाएंगे, क्योंकि उन्होंने वचन भंग किया था।
श्राप से भयभीत होकर अनेक सर्प अलग-अलग स्थानों पर तपस्या करने चले गए—

  • कंबल सर्प – ब्रह्मा जी की शरण में
  • शंखचूड़ – मणिपुर
  • कालिया – यमुना नदी
  • धृतराष्ट्र – प्रयाग
  • एलापत्रक – ब्रह्मलोक
  • अन्य कई – हिमालय और कुरुक्षेत्र

सर्प एलापत्रक ने ब्रह्माजी से निवेदन किया –

“प्रभु! कृपया मार्ग बताइए जिससे हम श्राप से मुक्त हो सकें।”

🌿 धर्म और तप का प्रतीक: कर्कोटक सर्प की भक्ति

ब्रह्मा जी ने उत्तर दिया:

“महाकाल वन में महामाया के पास स्थित शिवलिंग की पूजा करो।”

तब कर्कोटक सर्प महामाया के समीप शिवलिंग के समक्ष बैठकर शिव की स्तुति करने लगा।
उसकी निष्ठा और भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव प्रकट हुए और वरदान दिया:

“जो सर्प धर्म का आचरण करेंगे, उन्हें कोई नहीं मार सकेगा।
इस स्थान का नाम अब तुम्हारे नाम पर कर्कोटकेश्वर होगा।”


🙏 दर्शन लाभ (Benefits of Darshan)

  • सर्पदोष, कालसर्प योग और नाग पीड़ा से मुक्ति मिलती है।
  • संतान सुख, वंश वृद्धि और स्वास्थ्य लाभ की प्राप्ति होती है।
  • श्रावण मास, नाग पंचमी, चतुर्दशी, और रविवार के दिन पूजन से विशेष फल मिलता है।

🛕 मंदिर की स्थिति (Location)

श्री कर्कोटेश्वर महादेव मंदिर
📍 हरसिद्धि माता मंदिर प्रांगण,
📍 उज्जैन, मध्य प्रदेश

यह मंदिर 84 महादेव में दसवें स्थान पर आता है और हरसिद्धि दर्शन करने वाले श्रद्धालु कर्कोटेश्वर महादेव की भी विशेष आराधना करते हैं।

84 महादेव : श्री कर्कोटेश्वर महादेव(10)
84 महादेव : श्री कर्कोटेश्वर महादेव(10)

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