🔱 श्री स्वर्गद्वारेश्वर महादेव – जहाँ से खुलते हैं स्वर्ग के द्वार
स्थान: नलियाबाखल के पास, खंडार मोहल्ला, उज्जैन
84 महादेवों में स्थान: 9
“स्वर्गद्वारेश्वर लिङ्गं नवमं सिद्धि पार्वती।
सर्व पाप हरं देवि, स्वर्ग मोक्ष फल प्रदम्।।”
🌌 स्वर्ग की प्राप्ति का अद्भुत शिवलिंग
शिवभक्तों के लिए उज्जैन का महाकाल वन सिर्फ तप, भक्ति और मोक्ष का केंद्र ही नहीं बल्कि देवताओं के स्वर्ग द्वार की भी कुंजी है।
यहाँ स्थित है – श्री स्वर्गद्वारेश्वर महादेव, एक ऐसा पवित्र शिवलिंग जिसकी दर्शन मात्र से स्वर्ग की प्राप्ति संभव है।
📜 पौराणिक कथा: शिव के क्रोध और देवताओं की पुकार
एक बार प्रजापति दक्ष ने एक भव्य यज्ञ आयोजित किया, जिसमें भगवान शिव और माता सती को आमंत्रित नहीं किया।
माता सती ने यज्ञ में पहुँच कर अपने पिता द्वारा शिवजी के अपमान को देखा और आग में कूदकर प्राण त्याग दिए।
जब भगवान शिव को यह ज्ञात हुआ, वे क्रोध से तिलमिला उठे। उन्होंने अपने गणों को भेजा –
“जाओ, यज्ञ को नष्ट कर दो!”
गणों ने भयानक युद्ध छेड़ दिया।
वीरभद्र ने इंद्र तक को मूर्छित कर दिया।
देवताओं की हार होने लगी।
वे भगवान विष्णु के पास पहुँचे।
विष्णुजी ने सुदर्शन चक्र से गणों पर वार किया और वीरभद्र पर गदा से प्रहार किया।
लेकिन शिव के वर से वीरभद्र अजेय रहा।
फिर विष्णु स्वयं शिवजी के पास पहुँचे,
शिव को शूल लिए देखा, तो विष्णु अंतर्ध्यान हो गए।
इसके बाद शिवजी ने सभी देवताओं के स्वर्ग प्रवेश पर रोक लगा दी।
🕉️ शिव की आराधना से खुले स्वर्ग के द्वार
देवता ब्रह्मा जी की शरण में गए।
ब्रह्मा जी बोले –
“महाकाल वन जाओ, कपालेश्वर के पूर्व में जो दिव्य लिंग है, उसकी पूजा करो।”
देवता महाकाल वन पहुँचे और श्री स्वर्गद्वारेश्वर लिंग की पूजा-अर्चना की।
तब शिवजी प्रसन्न हुए और
गणों को स्वर्ग द्वार से हटने का आदेश दिया।
देवताओं को फिर से स्वर्ग की प्राप्ति हुई।
इसी चमत्कारी घटना के कारण
यह लिंग ‘स्वर्गद्वारेश्वर’ कहलाया।
✨ दर्शन लाभ और मान्यताएँ
- सभी पापों का नाश होता है
- स्वर्ग की प्राप्ति संभव है
- भय, चिंता और दुःख दूर होते हैं
- विशेष फल मिलता है अष्टमी, चतुर्दशी और सोमवार के दिन पूजन से
📍 मंदिर का स्थान:
श्री स्वर्गद्वारेश्वर महादेव मंदिर
👉 नलियाबाखल के पास,
👉 खंडार मोहल्ला,
👉 उज्जैन, मध्य प्रदेश

84 महादेव : श्री स्वर्गद्वारेश्वर महादेव(9)
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