84 महादेव : श्री कंठडेश्वर महादेव(34)
स्थान: महाकाल वन क्षेत्र, उज्जैन 📜 श्लोक: वतस्ता तीरे रम्ये पांडवो ब्राह्मणोऽभवत्।यस्य तपः प्रभावेन हर्षो जातः शिवप्रियः॥ श्लोक का अर्थ:वतस्ता नदी के तट पर रहने वाले ब्राह्मण पांडव की कठोर…
मंदिरों और मोक्ष की नगरी
स्थान: महाकाल वन क्षेत्र, उज्जैन 📜 श्लोक: वतस्ता तीरे रम्ये पांडवो ब्राह्मणोऽभवत्।यस्य तपः प्रभावेन हर्षो जातः शिवप्रियः॥ श्लोक का अर्थ:वतस्ता नदी के तट पर रहने वाले ब्राह्मण पांडव की कठोर…